Monday, 27 July 2015

TERI JAAT KA PAIDA MAARUN..



जातिवाद फ़ैलाने वालो को इस पोस्ट से मिर्ची जरूर लगेगी...
मैं रोज फेसबुक पर देखता हूँ कुछ राजपूत कहते हैं राजपूतो ने इतिहास में बहुत बलिदान दिया,
अपनी प्रोफाइल फोटो पर लिखते हैं कि मैं राजपूत.
कुछ जाट भी कम नहीं हैं जाटो का इतिहास बताते हैं
और निचे लिखते हैं जाट सबका बाप..
कुछ ब्रामण और कुछ गुजर भी हैं जो जातिवाद को आगे रख कर पोस्ट करते हैं
मैं उन सभी को कहना चाहता हु तुम पहले हिन्दू हो ये क्यों भूल जाते हो,
जो राजपूत जातिवाद की पोस्ट करते हे वो अब ये भी जान लो, इतिहास गवाह है कि राजपूतो ने कभी दूसरे राजपूत की मदद नहीं की बस सब अपनी मूंछ पर ही ताव खाते थे
पृथ्वीराज चौहान को धोके से मरवाने वाला भी राजपूत ही था, महाराणा प्रताप को मरवाने वाला भी उनका खुद का भाई और बेटा ही था वो भी राजपूत ही था, जितने राजपूतो में वीर हुए थे उतने राजपूतो में गद्दार भी हुए हे
राम भगवान रघुवंशी थे यानी कि राजपूत पर शर्म आती हे देश में इतने राजपूत होते हुये भी राम मंदिर राजनीती का अखाडा बना हुआ है. मुग़ल जब एक किले पर हमला करते तो दूसरे किले के राजा तमाशा देखते थे, राजपूत राजाओ में यही सबसे बड़ी कमजोरी थी जिसका फ़ायदा मुग़ल उठाते थे.
खुद कभी आपस में एक दूसरे की मदद नहीं की इसलिए मुगलो ने 800 साल राज किया, ये कड़वी सच्चाई है. जाट और गुजर भी बलिदान की बाते करते हे तो सुनो तुम्हारे में भी गद्दार कम नहीं थे, राजाओ के ख़ुफ़िया रास्ते बताने वाले भी जाट और गुजर ही थे वो खुद मंत्री थे पर राजा बनने के लिए अंग्रेजो और मुगलो के हाथो बिक जाते थे, ब्रामण की बाते करने वालो तुम्हे भी एक बार अपना इतिहास देख लेना चाहिए. ब्रामणो ने कभी दूसरे जाती वालो को सम्मान नहीं किया, दलित, तेली, चमार जैसी जाती वालो को तो अभी भी मंदिर नहीं जाने देते हैं.
देश को जातिवाद में बाटने वाले तुम ही हो जो धर्म से पहले जाति पर गर्व करते हो.
मैने यह लेख इसीलिए खोजा है कि मुर्ख हिन्दुओ अब भी जागो, जातिवाद छोड़ कर मानव धर्म का सम्मान करो, इसी जातिवाद के चलते 800 साल मुगलो ने 200 साल अंग्रेजो ने ओर 60 कांग्रेसियो ने देश को लूट लिया.
सोने की चिडया कहलाने वाला विश्व गुरु भारत जो दुनिया का मार्गदर्शक था आज कहा से कहा आ गया है.
आज भी भारत में गरीब सड़को पर भूखे सो रहे हैं.
थोड़ा दिमाग से सोचें जरूर एक बार देश के लिए.

और हाँ यदि आपके विचार भी इसी प्रकार के हैं तो फिर share करने से क्यों हिचकिचाते हो.. या दोनो तरफ टाँग रख कर दुनिया को च से .....या बनाते हो.
आदर्श कुटुम्ब  Blog पर समय देने के लिए धन्यवाद.
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Anant.
Author - The World of The Yugandharas.



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